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जानिए तिवाड़ी कैसे राज्य की राजनीति और भाजपा में अहम स्थान रखते थे

राजस्थान की राजनीति में भाजपा का चेहरा माने जाने वाले घनश्याम तिवाड़ी अब भले ही बीजेपी में न रहे हो, लेकिन भाजपा के लिए क्यों और कैसे अहमियत रखते थे, ये इस बात से ही स्पष्ट हो जाता है कि वे जीवन भर भाजपा में कई अहम पदों पर रहे है और कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं।
तिवाड़ी का जन्म स्वतंत्र भारत मे 19 दिसम्बर, 1947 खूड़, सीकर में हुआ था। पिता का नाम स्व. सुवालाल तिवाड़ी और माता स्व. शकुंतला देवी थीं। श्री कल्याण कॉलेज, सीकर, तथा राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर से बी.कॉम, एल.एल.बी. की। उन्होंने इंग्लैंड के बाॅर्विक विश्वविद्यालय से दर्शन शास्त्र में भी स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की है।1972 में पुष्पा तिवाड़ी से  विवाह हुआ। तीन संतान  अखिलेश व आशीष (पुत्र), ऋचा (पुत्री) हैं। उनका निवास स्थान रामपथ, श्यामनगर, न्यू सांगानेर रोड़, जयपुर है।
15 वर्ष की आयु से शुरू किया राजनीतिक जीवन
15 वर्ष की आयु से ही तिवाड़ी का राजनीतिक केरियर प्रारम्भ हो गया था। अपने 50 वर्ष के राजनीतिक जीवन में विभिन्न पदों-दायित्वों पर रहे। इसके साथ ही तिवाड़ी ने विभिन्न सकारात्मक प्रयासों के जरिये समाज और राजनीति सुधार की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
1968-1970 तक ये श्री कल्याण कॉलेज, सीकर के छात्र महामंत्री रहे। 1970-1971 तक राजस्थान विश्वविद्यालय छात्र संघ, एपेक्स बॉडी के सदस्य रहे। साथ ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संयोजक एवं उपाध्यक्ष तथा राजस्थान युवा संघ एवं अखिल भारतीय संयोजक मंड़ल के अध्यक्ष भी रहे।
इतने महत्वपूर्ण पदों पर रहकर किया जिम्मेदारियों का निर्वहन
छात्र जीवन में दायित्व एवं पद
विधानसभा में जनप्रतिनिधि-विधायक के रूप में
मंत्रित्वकाल
विभिन्न समितियों से संबद्धता
भाजपा संगठन में दायित्व एवं पद
अन्य महत्वपूर्ण दायित्व
प्रकाशन
पुरस्कार
अन्य चुनौतीपूर्ण दायित्व

2016-2018 दीनदयाल वाहिनी प्रदेश अध्यक्ष

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