आयकर अधिकारी जांच में जुटे हैं कि कैसे हुई इतने बड़े स्तर पर गड़बड़ी।
आदर्श क्रेडिट को-आॅपरेटिव सोसायटी और आदर्श बैंक के तीन राज्यों में स्थित कार्यालयों पर चल रही आयकर छापे की कार्रवाई मंगलवार तक पूरी हो गई। छह दिन से चल रही कार्रवाई में प्रथम दृष्ट्या आयकर विभाग करोड़ों रूपए की गड़बड़ी होने का अंदेशा जता रहा है। अब तक हुई पड़ताल में यह सामने आया है कि सोसाइटी ने खुद की छोटी-छोटी कंपनियां खोलकर इन्हीं में लाखों-करोड़ों रुपये के लोन बांटकर गड़बड़ी की है। अब आयकर अधिकारी जांच में जुटे हैं कि इन कंपनियों को दिया गया पैसा आखिरकार गया कहां।
आदर्श क्रेडिट को-आॅपरेटिव सोसायटी पर चल रहे छापे की पूरी कार्रवाई विभाग के इनवेस्टीगेशन विंग के ज्वाॅइंट डायरेक्टर एम रघुवीर के निर्देशन में हुई है।
अंदेशा जताया जा रहा है कि यह गड़बड़ी अब तक राजस्थान और गुजरात में हुई बैंक संबंधित गड़बड़ियों से भी ज्यादा होगी। गत वर्ष सिंडिकेट बैंक में 1000 करोड़ का घोटाला सामने आया था। तब भी कुछ बैंक मैनेजर्स ने सीए भरत बम्ब से मिलकर नियमों से परे जाकर विभिन्न कंपनियों को लोन बांटकर घोटाला किया था।
इस मामले में आदर्श क्रेडिट के लीगल सेल के प्रतिनिधि का कहना है कि आयकर अधिकारियों ने 110 कंपनियों से सम्बंधित जो भी फ़ाइल और दस्तावेज मांगे थे, उन्हें दे दिए गए है। हम जांच में पूरा सहयोग कर रहे है।
110 कंपनियां बनाई और बांट दिए करोड़ों के लोन
आयकर अधिकारियों ने बताया कि आदर्श क्रेडिट को-आॅपरेटिव सोसायटी ने खुद की करीब 110 कंपनियां बनाईं। आदर्श बैंक के जरिए इन कंपनियों को लाखों-करोड़ों रूपए का लोन दिया गया। लेकिन इन सभी कंपनियों से न तो बैंक को कोई ब्याज राशि प्रााप्त हुई और न ही दिए गए लोन की राशि वापस मिली। जबकि आमतौर पर किसी कंपनी को लोन दिया जाता है तो राशि ब्याज समेत प्राप्त की जाती है। अब आयकर अधिकारी जांच कर रहे हैं कि इन 110 कंपनियों को दिया गया पैसा आखिरकार गया कहां।
सवाल ये भी उठ रहा है कि जब गड़बड़ी इतने बड़े स्तर की सामने आ रही है तो आयकर विभाग इस संबंध में कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस कर या प्रेस रिलीज जारी कर स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं कर रहा है। क्योंकि कि कोई भी मीडिया हाउस के इस संबंध में न्यूज चैनल पर चलाने या वेबसाइट पर लिखने पर आदर्श क्रेडिट की लीगल टीम उनसे संपर्क कर रही है और न्यूज चलाने पर मानहानि का दावा करने की बात कर रही है।
ये परिस्थितिया इसलिए बन रही है क्यों कि आयकर विभाग ने इतनी बड़ी कार्रवाई में अब तक कोई प्रेस रिलीज जारी नहीं की है। क्या आयकर विभाग भी सामने आए तथ्यों को छुपाने का प्रयास कर रहा है।
यहां-यहां हुई थी आयकर की सर्च कार्रवाई
आयकर सूत्रों के अनुसार आयकर अधिकारियों की टीमों ने गुरूवार से यह कार्यवाही शुरू की थी और छह दिनों में अहमदाबाद स्थित आदर्श क्रेडिट को-आॅपरेटिव सोसायटी के मुख्यालय सहित उस्मानपुरा, आश्रम रोड स्थित अन्य ब्रांचों पर, राजस्थान के उदयपुर, सिरोही, जालौर सहित अन्य जिलों में स्थित करीब 20 कार्यालयों व ठिकानों पर, दिल्ली स्थित तीन कार्यालयों पर जांच कर दस्तावेज खंगाले। टीमें सोसायटी के संचालक और बैंक मैनेजर्स से भी पूछताछ कर रही हैं। टीम ने सोसायटी के संस्थापक मुकेश मोदी के सिरोही स्थित घर पर भी सर्च कार्यवाही कर आवश्यक दस्तावेज लिए हैं।
सभी का जमा धन सुरक्षित है : मोदी
इस मामले में मुकेश मोदी ने यू ट्यूब पर एक वीडियो जारी कर बताया है कि आदर्श क्रेडिट में जमा सभी सदस्यों का धन पूरी तरह सुरक्षित है। मोदी ने आयकर कार्रवाई को लेकर कहा है कि आदर्श क्रेडिट इतने वर्षों से लोगों के बीच काम कर रही है। हम किसी भी तरह से बैंकिंग व्यवसाय का काम नही करते है। हम सारा लेन देन सदस्यों के मध्य ही करते है। नोट बन्दी के समय भी हमने किसी से भी पुरानी नकदी स्वीकार नहीं की थी। दिये गए लोन पर मुकेश मोदी ने बताया है कि लोन की वसूली सही है, इसमे कोई शिकायत नही है। जहां जहां, जो जो, माल बना है, वो बिक रहा है। जैसे जैसे बिकता है, वैसे वैसे पैसा वापस आता है। उसी से हमारा काम चलता है। सदस्यों का जमा धन पूरी तरह सुरक्षित है।
(मुकेश मोदी से ARLivenews के रिपोर्टर की व्यक्तिगत बातचीत नहीं हुई है। मुकेश मोदी ने यू ट्यूब पर वीडियो जारी कर यह जानकारी दी है )।
