सोहराबुद्दीन-तुलसी एनकाउंटर केस में गुरुवार को मुंबई में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में उदयपुर के दो कांस्टेबल बुद्ध नारायण और तेज सिंह बयान देने पहुंचे। दोनों ने कोर्ट को बताया कि तुलसी पेशी पर लाते-ले जाते समय भागने की फिराक में रहता था और बार-बार हथकड़ी खोलने के लिए कहता था। बुद्ध नारायण ने बताया कि नवंबर और दिसंबर 2006 में वह इंस्पेक्टर हिम्मत सिंह, अब्दुल रहमान के नेतृत्व में अन्य कांस्टेबलों की टीम के साथ बदमाश आजम और तुलसी प्रजापति को पेशी पर लेकर अहमदाबाद गया था। वहां पेशी करवाने के बाद वापस लौट आए थे। लाते-ले जाते समय तुलसी प्रजापति के परिजन और रिश्तेदार बड़ी संख्या में स्टेशन पर इकट्ठे हो जाते थे और कुछ तो ट्रेन में भी साथ बैठ जाते थे। कोर्ट में सीबीआई को दोनों कांस्टेबलों ने एक ही जवाब दिया कि वह काफी उग्र स्वभाव का था और पेशी पर ले जाने के दौरान बार-बार टॉयलेट जाने की बात कर हथकड़ी खोलने के लिए कहता था। चालानी गार्ड कांस्टेबल परिजनों को पास आने से रोकते थे तो अक्सर उनसे झड़प भी हो जाती थी।
