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एटीएस एएसपी ने खुद को गोली मारी, मौके पर ही मौत

गत सप्ताह आईएसआई के एजेंट को गिरफ्तार किया था

बहादुर पुलिस अधिकारी साहनी की मौत से खड़े हुए कई सवाल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के आतंकवादी निरोधक दस्ता (एटीएस) के अतिरिक्त पुलिस अधिक्षक और तेज तर्रार  अधिकारी राजेश साहनी ने मंगलवार कार्यालय में खुद को गोली मार ली। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
उनकी इस तरह से मौत की खबर सुनकर पूरा महकमा सकते में है। उनके बहादुरी के किस्से विभाग में इतने चर्चित थे कि किसी को भरोसा नहीं हो रहा है कि उन्होंने खुदकुशी की है। मौत के कारणों का खुलासा अभी नही हो सका है। हालांकि कि वे एटीएस से पहले एनआईए में भी रह चुके है और उन्होंने कई बड़े ऑपरेशन को अंजाम देने के साथ ही बड़े मामलों के जांच अधिकारी भी रहे है। सूचना मिलते ही आला अधिकारी एटीएस मुख्यालय पहुंचे। एटीएस के आईजी अमिताभ यश ने भी साहनी के एटीएस मुख्यालय स्थित अपने दफ्तर में खुद के गोली मारने की पुष्टि भी की है।
पुलिस ने घटना में प्रयुक्त सरकारी पिस्टल कब्जे में ले ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
साहनी 1992 बैच के अधिकारी थे। 2013 में वे अपर पुलिस अधीक्षक बने थे। वह मूलतः बिहार के पटना के रहने वाले थे और 1969 में उनका जन्म हुआ था।
ड्राइवर से मंगवाई सर्विस पिस्टल
घटना से पहले साहनी के पास उनकी अपनी सर्विस पिस्टल नहीं थी। इस पर उन्होंने अपने ड्राइवर से अपनी पिस्टल मंगवाई थी। ड्राइवर के जाने के कुछ देर में ही उन्होंने खुद को गोली मार ली।गोली चलने की आवाज सुनकर कर्मचारी मौके पर दौड़े। मौके पर पहुंचे तो वहां उन्होंने खून से लथपथ साहनी को तड़पते देख फौरन अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनकी मौत हो गई।
आतंक की साजिशों को बेनकाब कर रहे थे
राजेश साहनी ने गत सप्ताह ही आईएसआई के एक एजेंट रमेश सिंह को गिरफ्तार किया था।
राजेश काफी समय से तमाम आतंकी संगठनों के स्लीपर मॉड्यूल और भारत में आतंक की साजिशों को बेनकाब कर रहे थे।
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