उदयपुर। उदयपुर शहर के एक 10वीं कक्षा के छात्र ने अपने ही अपहरण की ऐसी साजिश रची की पुलिस भी दांतो तले उंगली दबाने पर मजबूर हो गई। लेकिन वह शहर में जगह जगह लगे कैमरों का ध्यान नहीं रख पाया और कैमरों की जद में आ गया।
सेक्टर 14 निवासी राजेश कुमार पुत्र गुलाब चंद पांडे ने गोवर्धन थाने में रविवार को रिपोर्ट दी कि बेटा दूध तलाई तक गया था, लेकिन वापस नहीं लौटा। उनको हम तलाश रहे थे तभी किसी बदमाश का फ़ोन आया कि बेटे की
सलामती चाहते हो तो 50 लाख रुपये पहुँचा देना। राजेश कुमार ने फिरौती मांगने वाले से कहा कि वह रोप वे पर नौकरी करता है इतना पैसा नही है तो फ़ोन कट कर दिया। थोड़ी देर फिर काल आया और 3 लाख रुपये मांगे। पुलिस ने शहर में बच्चे के हुलिया के अनुसार पूछताछ की और सीसीटीवी कैमरे चेक किये तो वह रेलवे स्टेशन पर दिख गया। इस पर यह तो स्पष्ट हो गया कि अपहरण नही हुआ है। पुलिस ने बच्चे की लोकेशन लेकर 2 टीमें दिल्ली रवाना की और सोमवार को उसे नसीराबाद स्टेशन से पकड़ उदयपुर ले आए। पूछताछ में उसने जो बताया तो सभी चौक गए।
10वीं का रिजल्ट का था प्रेशर
छात्र ने बताया कि 10वीं का रिजल्ट आने वाला है और घर मे इस बात का भयंकर प्रेशर था। वह अपना व्यवसाय शुरू करना चाहता था तो घर से भागकर पिता से रुपये मांग डाले।
यू-ट्यूब पर सीख रची साजि
छात्र ने कहानी रचने से पहले यू-ट्यूब पर अपहरण के कई वीडियो भी देखे। इसके बाद मोबाइल में एक ऐसी एप डाउनलोड की जिससे कॉल करने से मोबाइल नंबर में किसी दूसरे देश का कॉल आये। पुलिस को गुमराह करने छात्र ने ऐसा ही किया। एक बार लगा कि फिरौती मांगने वाला इंटरनेशनल कॉल कर रहा है। हालांकि पुलिस ने तकनीकि संसाधनों की मदद से पूरे मामले का खुलासा कर छात्र को माता पिता के सुपुर्द कर दिया।

