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सोहराबुद्दीन-तुलसी एनकाउंटर : सेवानिवृत बाबू ने कहा सीबीआई ने बुलाया था

उदयपुर. सोहराबुद्दीन-तुलसी एनकाउंटर केस में शुक्रवार मुंबई की सीबीआई स्पेशल कोर्ट में हुई सुनवाई में उदयपुर के सेवानिवृत बाबू अशोक कुमार भटनागर के बयान हुए। अशोक कुमार ने बताया कि वह 2006 में कलेक्ट्री के जुडीशियल सेक्शन में बाबू था। उसके सेल में पटाखों की परमिशन, कैदियों की पेरोल परमिशन सहित 32 प्रकार की एप्लीकेशन आती थीं, जिसे वह संबंधित सेक्शन में भेज देता था। सीबीआई ने एक बार उसे बुलाया था। उससे दिन भी सिर्फ नाम, पता और उसकी उम्र पूछी थी। इसके अलावा सीबीआई ने उसे न तो कोई लेटर दिखाया था और लेटर के बारे में कुछ बताया था। sohrabuddin encounter : CBI Called ret clerk for witness

बयान के बाद सीबीआई ने होस्टाइल घोषित किया

कोर्ट में सीबीआई की तरफ से सरकारी वकील ने चार्जशीट में शामिल तुलसी का लेटर दिखाते हुए पूछा कि वह क्या यह लेटर आपने कभी संबंधित को फॉरवर्ड किया था। अशोक कुमार ने कोर्ट को बताया कि उसने यह लेटर कभी देखा ही नहीं तो पुटअप या फॉरवर्ड क्या करूंगा। जबकि सीबीआई ने चार्जशीट में जो बयान शामिल किए थे, उसमें लिखा था कि तुलसी, आजम और रफीक ने एक टाइप किया हुआ पत्र भेजा था, जिसमें लिखा था कि साथी कैदी परेशान कर रहे हैं और साथी कैदियों से खुद की जान को खतरा बताया था। हुआ एक लेटर मिला है, जिसमें उसने खुद की जान को खतरा बताया था। कोर्ट में हुए अशोक कुमार के बयान के बाद सीबीआई ने उसे होस्टाइल घोषित किया।

बाबू ने कहा कि वह सेवानिवृत हो चुका है। ऐसे में नियमानुसार उसे आने-जाने का खर्चा मुहैया करवाने का निवेदन किया। इस पर कोर्ट ने संबंधित सेक्शन को आदेश जारी कर आने-जाने का खर्चा उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। सेक्शन में फंड उपलब्ध नहीं होने पर यह राशि गवाह के बैंक खाते में ट्रांसफर करने के आदेश दिए। बीमार होने से दो गवाह नहीं पहुंचे : शुक्रवार को कोर्ट में उज्जैन के देवेन्द्र शर्मा और सुशील तिवारी के बयान भी होने थे। लेकिन बीमार होने से ये कोर्ट नहीं पहुंचे। इस पर कोर्ट ने इन्हें अगली तारीख दी है।

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