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जिंक कौशल केन्द्र में ग्रामीण युवाओं बन रहे आत्मनिर्भर

Lucky Jain by Lucky Jain
July 15, 2023
Reading Time: 1 min read
hindustan zinc kaushal kendra


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हिन्दुस्तान जिंक के इन कौशल केन्द्रों से प्रशिक्षित 5248 ग्रामीण युवाओं में से 4350 आत्म निर्भर हुए

उदयपुर। हिंदुस्तान जिंक द्वारा जिंक कौशल केन्द्रों (hindustan zinc kaushal kendra) में हजारों ग्रामीण युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं। इनमें ग्रामीण बधिर युवा भी शामिल हैं, जिन्हें अक्सर बाधाओं और सीमित अवसरों का सामना करना पड़ता था। देबारी में संचालित जिंक कौशल केंद्र से प्रशिक्षित हो चुके 5248 युवाओं में से 4350 युवा आत्मनिर्भर हो चुके हैं और कहीं न कहीं जॉब कर रहे हैं या स्वरोजगार से जुड़ गए हैं।

इन्हीं में एक हैं वंदना, जिन्होंने जिंक कौशल केन्द्र में प्रशिक्षण प्राप्त किया और अब एक प्रख्यात फैशन आउटलेट में काम कर रही हैं। कायड़, अजमेर के रहने वाले लक्ष्य कुमावत के लिए नियमित रोजगार के अभाव में परिवार की आजीविका चलाना मुश्किल हो गया था। उन्होंने जानकारी हासिल कर जिंक कौशल केंद्र, कायड़ पहुंचे, वहां उन्होंने असिस्टेंट इलेक्ट्रीशियन का कोर्स किया और स्व-उद्यमिता की शुरूआत की।

हिंदुस्तान जिंक से प्राप्त जानकारी के अनुसार ने बताया कि इन युवाओं की तरह ही हिन्दुस्तान जिंक कौशल केन्द्र से जुड़कर हिन्दुस्तान जिंक के 5 जिलों उदयपुर, राजसमंद, चित्तौडगढ़, भीलवाडा और अजमेंर के 5 हजार से अधिक ग्रामीण और शहरी युवाओं से प्रशिक्षण प्राप्त किया है और आत्मनिर्भर बन रहे हैं।

प्रशिक्षण देकर अपनी फर्मों में भर्ती भी कर रहे हैं

हिंदुस्तान जिंक से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रो में बेराजगारी का मुख्य कारण युवाओं में कौशल की कमी है। इसे दूर करने के लिये हिंदुस्तान जिंक ने अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन, टाटा स्ट्राइव और वेदांता फाउंडेशन के साथ मिलकर ग्रामीण क्षेत्रों में हिन्दुस्तान जिंक के कौशल विकास कार्यक्रमों संचालित किया है। ये संगठन स्थानीय युवाओं के लिए उपलब्ध रोजगार के अवसरों के साथ-साथ युवाओं की रुचि के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों की पहचान कर भौगोलिक क्षेत्रों में मूल्यांकन सर्वेक्षणों के अनुसार कार्यक्रम क शुरुआत करते है।

कौशल केन्द्र में इन कोर्स पर किया जाता है फोकस

जिंक कौशल केंद्रों में यह महत्वपूर्ण है कि युवा स्वयं किस पाठ्यक्रम या क्षेत्र में रूचिकर है। वर्ष 2019-20 में स्थापित दरीबा और आगुचा के बाद अब ये कौशल केंद्र जावर, देबारी, कायड़, चंदेरिया और पंतनगर में भी संचालित है।

इन केंद्रो में युवाओं को जनरल ड्यूटी असिस्टेंट, माइक्रोफाइनेंस एक्जीक्यूटिव, इलेक्ट्रीशियन, सिक्योरिटी गार्ड, रिटेल सेल्स एग्जीक्यूटिव, डाटा एंट्री ऑपरेटर, कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजमेंट, फूड एण्ड बेवरेज सेवाएं, फ्रंट ऑफिस एसोसिएट, बीएफएसआई-बिजनेस डेवलपमेंट एक्जीक्यूटिव, ऑटो सेल्स कंसल्टेंट जैसे पदों के लिये प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।

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